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समय पर मोतियाबिंद का ऑपरेशन क्यों है जरूरी? – नजर की नहीं, जिंदगी की बात है

  • Writer: Sabir H. Ansari
    Sabir H. Ansari
  • Jun 24, 2025
  • 2 min read

"दुनिया को देखना सबसे बड़ा सौभाग्य है।" पर जब आपकी आंखों के सामने सब कुछ धुंधला, धुंधला और कमजोर होता चला जाए, तो जीवन की गति थम सी जाती है। मोतियाबिंद (Cataract) एक ऐसी ही आम लेकिन गंभीर आंखों की बीमारी है, जो धीरे-धीरे दृष्टि को छीन लेती है — और खास बात यह है कि इसका इलाज संभव है, वह भी एक छोटे से ऑपरेशन से।

लेकिन आज भी लाखों लोग इस ऑपरेशन को टालते हैं या नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे वे अंधेपन के शिकार हो जाते हैं। यह ब्लॉग मोतियाबिंद के समय पर ऑपरेशन की जरूरत को समझाने के लिए है — ताकि "देखना" केवल एक याद न बन जाए।

मोतियाबिंद क्या है?

मोतियाबिंद आंख के लेंस का धीरे-धीरे धुंधला हो जाना है। आमतौर पर यह वृद्धावस्था में होता है, लेकिन डायबिटीज, आंख में चोट, धूप के ज्यादा संपर्क, या यहां तक कि कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट से भी हो सकता है।

शुरुआत में धुंधली दृष्टि, चश्मा बार-बार बदलना, रात में कम दिखना, या रोशनी से चुभन जैसी शिकायतें होती हैं। यदि समय रहते इलाज न हो, तो पूरी तरह से अंधापन भी हो सकता है।

ऑपरेशन टालना क्यों है खतरनाक?

  1. धीरे-धीरे दृष्टि पूरी तरह चली जाती हैअगर ऑपरेशन न किया जाए, तो लेंस पूरी तरह अपारदर्शी हो जाता है और दृष्टि लगभग खत्म हो जाती है।

  2. ज्यादा परिपक्व मोतियाबिंद = जटिल ऑपरेशनजब मोतियाबिंद बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो ऑपरेशन लंबा, महंगा और जोखिम भरा हो जाता है।

  3. दूसरी बीमारियों का खतरादेर से इलाज करने पर आंख में ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) जैसे स्थायी रोग भी हो सकते हैं, जो दृष्टि को बचा नहीं सकते।

  4. जीवन की गुणवत्ता में गिरावटनजर कम होने से व्यक्ति आत्मनिर्भर नहीं रहता — पढ़ना, चलना, काम करना, यहां तक कि खुद से खाना भी मुश्किल हो जाता है।

समय पर ऑपरेशन के फायदे

  • 100% सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया – आधुनिक तकनीक से किया गया मोतियाबिंद ऑपरेशन 15–20 मिनट में पूरा हो जाता है।

  • त्वरित दृष्टि सुधार – ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन के 24–48 घंटों में ही नजर वापस लौट आती है।

  • स्वतंत्रता की वापसी – व्यक्ति फिर से पढ़ सकता है, घूम सकता है, जीवन का आनंद ले सकता है।

  • अंधेपन को रोकना – भारत में 80% से अधिक बुजुर्ग अंधेपन के पीछे कारण मोतियाबिंद है, जिसे समय रहते रोका जा सकता है।

ग्रामीण व निम्न आय वर्ग के लिए क्या करें?

  • नि:शुल्क नेत्र शिविर: समय-समय पर NGO, CSR और सरकारी सहायता से गांवों में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए शिविर आयोजित किए जाने चाहिए।

  • जागरूकता अभियान: स्थानीय स्तर पर लोगों को बताया जाए कि मोतियाबिंद कोई "जादू-टोना" नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह ठीक की जा सकने वाली स्थिति है।

  • चश्मा और पोस्ट-ऑप देखभाल: ऑपरेशन के बाद मुफ्त चश्मा, दवाएं और सलाह उपलब्ध कराई जाएं।


मोतियाबिंद का इलाज संभव है, लेकिन समय की अनदेखी अंधेरे का कारण बन सकती है।यह सिर्फ आंखों की रोशनी की बात नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और जीवन की गुणवत्ता की बात है। अगर आपके परिवार में या आस-पड़ोस में कोई बुजुर्ग धुंधली दृष्टि की शिकायत करता है, तो उसे जल्द से जल्द नेत्र चिकित्सक के पास ले जाएं।

याद रखें — समय पर ऑपरेशन, जीवनभर की रोशनी।

 
 
 

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